क्रिकेट जगत से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। इंग्लैंड की तेज गेंदबाज टैश फरांट ने महज 29 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है। लगातार चार सालों तक पीठ की गंभीर चोट से जूझने के बाद उन्होंने यह कठिन निर्णय लिया।
टैश फरांट ने महज 17 साल की उम्र में इंटरनेशन डेब्यू किया था। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 18 T20I और 6 ODI मुकाबले खेले और कुल 20 विकेट अपने नाम किए।। साल 2022 में उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ, जिसके कारण वह एक साल तक मैदान से दूर रहीं। अगले साल चोट दोबारा उभरने पर उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। घरेलू क्रिकेट में वापसी के बावजूद वह पूरी तरह फिटनेस हासिल नहीं कर सकीं। फरांट ने कहा कि अपार समर्थन और लगातार प्रयासों के बावजूद वह उस स्तर की प्रदर्शन क्षमता तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिसकी दरकार हाई लेवल क्रिकेट में होती है। मानसिक और शारीरिक दबाव के चलते उन्होंने क्रिकेट को छोड़ने का फैसला किया है।
केंट से अपने करियर की शुरुआत करने वाली टैश फरांट ने साउदर्न वाइपर्स और साउथ ईस्ट स्टार्स के लिए भी खेला। 2021 में उन्होंने ओवल इनविंसिबल्स को द हंड्रेड के पहले संस्करण का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई और 18 विकेट लेकर टूर्नामेंट की सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं। वह साउदर्न वाइपर्स के साथ दो बार महिला सुपर लीग भी जीत चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने सरे को महिला T20 ब्लास्ट जिताने में योगदान दिया और साउथ ईस्ट स्टार्स को शार्लोट एडवर्ड्स कप के फाइनल तक पहुंचाया।
सरे की महिला क्रिकेट निदेशक एम्मा कैल्वर्ट ने फरांट को एक प्रेरणादायक खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इंटरनेशनल लेवल पर पहचान बनाना और पेशेवर युग में महिला क्रिकेट के विकास का हिस्सा होना गर्व की बात है। मुश्किल रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरकर मैदान पर वापसी करना उनकी मजबूत मानसिक शक्ति को दर्शाता है। फरांट ने संकेत दिया है कि रिटायरमेंट के बाद भी मीडिया और कमेंट्री के जरिए क्रिकेट से जुड़ी रहेंगी।
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